लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजदूरों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए योगी सरकार एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। विपक्ष के बेरोजगारी के आरोपों के बीच, राज्य का ग्राम्य विकास विभाग एक ऐसा नया मसौदा (Draft) तैयार कर चुका है, जिससे ग्रामीण इलाकों में काम न मिलने या खाली बैठने के दिनों (नो वर्क पीरियड) में भी मजदूरों को सरकार की तरफ से बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए जल्द ही योगी कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा, जिसे जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू करने का लक्ष्य है।
दरअसल, केंद्र सरकार ने पारंपरिक मनरेगा (MGNREGA) के स्थान पर अब एक नई और हाईटेक योजना ‘विकसित भारत-जी राम जी’ (VB Jeeramji) की शुरुआत की है। उत्तर प्रदेश सरकार इस केंद्रीय कानून को अपने नियमों के अनुसार और अधिक प्रभावी बनाकर जमीन पर उतारने की तैयारी में है। इस नई योजना के तहत वर्तमान में मनरेगा में रजिस्टर्ड सभी मजदूरों को तो लाभ मिलेगा ही, साथ ही बड़े पैमाने पर नए ग्रामीण परिवारों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब ग्रामीण परिवारों के लिए सालाना रोजगार की गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर सीधे 125 दिन कर दिया गया है। बुवाई और कटाई के व्यस्त सीजन के लिए 60 दिन का समय तय किया गया है, जबकि शेष दिनों में से 125 दिन के पक्की मजदूरी का प्रावधान है। राहत की बात यह है कि मजदूरी का भुगतान हर हफ्ते या काम खत्म होने के अधिकतम 15 दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
योजना को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त रखने के लिए सरकार शत-प्रतिशत डिजिटल पेमेंट मोड अपनाएगी। बिचौलियों को खत्म करने के लिए भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के साथ-साथ खुद मजदूरों से सीधे फीडबैक लिया जाएगा। इस योजना के जरिए गांवों में जल संरक्षण, कृषि विकास, भूजल स्तर सुधारने और पक्की सड़कों के निर्माण जैसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे यूपी के करोड़ों परिवारों के जीवन में बड़ा और सकारात्मक बदलाव आएगा।
मनरेगा की जगह अब ‘वीबी जीरामजी’ योजना
नया बदलाव: पारंपरिक मनरेगा के स्थान पर अब केंद्र की नई हाईटेक ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना लेगी जगह।
दायरा: पुराने पंजीकृत मजदूरों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर नए ग्रामीण श्रमिकों को जोड़ने का महाअभियान।
लक्षित तिथि: जुलाई 2026 से पूरे उत्तर प्रदेश में पूरी तरह से लागू करने की तैयारी।
अब 100 नहीं, 125 दिन रोजगार की पक्की गारंटी
रोजगार विस्तार: सालाना पक्के रोजगार की गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया।
खेती का सीजन: फसलों की बुवाई और कटाई के व्यस्त समय के लिए 60 दिन निर्धारित।
त्वरित भुगतान: दैनिक मजदूरी का पैसा हर हफ्ते या काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर सीधे खाते में।
डिजिटल पेमेंट से भ्रष्टाचार पर तगड़ा प्रहार
पारदर्शिता: बिचौलियों और गड़बड़ी को रोकने के लिए 100% ऑनलाइन डिजिटल मोड में भुगतान।
निगरानी: योजना की कड़ाई से मॉनिटरिंग के लिए लगातार होगा भौतिक सत्यापन।
फीडबैक सिस्टम: जमीनी हकीकत जानने के लिए सीधे काम करने वाले मजदूरों से लिया जाएगा फीडबैक।
