लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर एक बहुत बड़ी टूट होने की अटकलें अचानक से तेज हो गई हैं। यह सनसनीखेज दावा सूबे के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने किया है, जिससे सपा खेमे में जबरदस्त खलबली मच गई है।
ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगी सपा: राजभर
राजभर का साफ तौर पर कहना है कि सपा में बहुत जल्द एक ऐसी बड़ी बगावत होने वाली है, जिसके बाद पूरी पार्टी बिखर जाएगी। इस टूट के बाद पार्टी में सिर्फ अखिलेश यादव, डिंपल यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के अलावा कोई भी बड़ा चेहरा नहीं बचेगा। राजभर ने ‘X’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर दावा किया कि सपा के बागी सांसदों के इस नए गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की ‘बागी भूमि’ (बलिया) का एक लाल करने जा रहा है। उनका सीधा इशारा बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय की तरफ माना जा रहा है।
ब्राह्मणों के अपमान से भड़की आग: राजभर के मुताबिक, लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में समाज का घोर तिरस्कार किया गया। इसी अपमान से आहत होकर बलिया के सांसद ने बागी रुख अख्तियार किया है। राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे एसी कमरों की राजनीति छोड़ अब ‘सांसद बचाओ अभियान’ शुरू करें।
शिवपाल और सनातन पांडेय की खुली चुनौती
दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी ने भी इस हमले पर पलटवार किया है। शिवपाल यादव और सांसद सनातन पांडेय ने ओम प्रकाश राजभर को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि अगर सपा में कोई टूट हुई, तो वे राजनीति से हमेशा के लिए संन्यास ले लेंगे।
अब उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा बेहद आम हो गई है कि क्या वाकई सपा में कोई बड़ी बगावत होने जा रही है, या फिर यह महज 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले की राजनीतिक नूराकुश्ती है।
