मुरादाबाद (ठाकुरद्वारा): राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि जनता ही सरकारें बनाती है और वही जनार्दन है। इसलिए सरकारों को जनता की आलोचना और सुझावों को स्वीकार करना ही पड़ेगा। वह गुरुवार को ठाकुरद्वारा के सनातन धर्म हिंदू इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित ‘विजय संकल्प महारैली’ को संबोधित कर रहे थे।
किसानों के विरोध के आगे झुकी सरकार, बदला गन्ना प्रस्ताव
केंद्रीय मंत्री ने रैली में बताया कि केंद्र सरकार एक नया गन्ना नियंत्रण प्रस्ताव तैयार कर रही थी, जिसके तहत चीनी मिलों को 25 किलोमीटर के दायरे में विशेष अधिकार देने और खांडसारी व गुड़ इकाइयों के लिए लाइसेंस अनिवार्य करने का प्रावधान था। इससे पश्चिमी यूपी का कुटीर उद्योग संकट में पड़ सकता था।
“जब किसानों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, तो उनके सुझावों को प्रधानमंत्री तक पहुँचाया गया। जनता की ताकत के आगे नतमस्तक होकर सरकार ने इस प्रस्ताव को वापस ले लिया।” – जयंत चौधरी
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के 1967 के उस नियम को भी याद दिलाया, जिसमें 14 दिन के भीतर गन्ने का भुगतान न होने पर मिलों द्वारा 15वें दिन से ब्याज देने का प्रावधान किया गया था।
रालोद के एनडीए में शामिल होने से किसानों को ₹3000 करोड़ का लाभ
जयंत चौधरी ने कहा कि रालोद के एनडीए में शामिल होने के बाद किसानों की मांग पर योगी सरकार ने गन्ने का रेट बढ़ाकर ‘400 पार’ कर दिया। इस बढ़े हुए मूल्य से उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को करीब तीन हजार करोड़ रुपये का सीधा लाभ मिला है।
मुरादाबाद से है पारिवारिक और भावनात्मक रिश्ता
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि काशीपुर और ठाकुरद्वारा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि रही है। इसके साथ ही उन्होंने बताया, “कांठ में मेरा ननिहाल है, इस वजह से मुरादाबाद क्षेत्र को मैं बहुत पहले से और करीब से जानता हूँ।”
बुलडोजर से किया स्वागत:
रैली स्थल पर पहुँचने पर रालोद कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री का अनोखे अंदाज में स्वागत किया। प्रवेश द्वार पर आधा दर्जन से अधिक बुलडोजर खड़े कर उन पर फूलों की वर्षा की गई।
