पटना: विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुरुवार को शपथ ग्रहण करते ही दस मुख्यमंत्री बनने का रिकार्ड भी उनके नाम दर्ज हो गया। पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा रहे मौजूद।
नीतीश कुमार ने 2025 विधानसभा चुनाव के बाद बड़ा जनादेश पाकर दसवीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। समारोह का स्थान गांधी मैदान इसलिए भी विशेष था क्योंकि यह पटना के राजनीतिक इतिहास में अहम स्थल रहा है। समारोह में उपस्थित वरिष्ठ नेताओं व विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री-प्रतिनिधियों ने इसे एनडीए की राजनीतिक ताकत का प्रतीक बताया।
इसलिए ऐतिहासिक है शपथ ग्रहण
यह शपथ ग्रहण इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। इसके साथ ही यह दिखाता है कि बिहाड़ में जनता दल (यू) + भारतीय जनता पार्टी (एनडीए) गठबंधन ने चुनाव में मजबूत पकड़ बनाई है। शपथ ग्रहण की जगह, समय और समारोह-आयोजन से यह संकेत मिलता है कि राजनीतिक दृष्टि से भी यह एक पावरफुल मंच था।
प्रचंड जीत के बावजूद आगे चुनौतियां भी कम नहीं
मुख्यमंत्री के रूप में अब नीतीश कुमार पर यह जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह जनादेश के अनुरूप उत्तम शासन, विकास और गठबंधन की समन्वय-नीति को आगे बढ़ाएं।मंत्रिमंडल गठन, विभागों का बंटवारा और राज्यबनाने की रणनीति अब रोल-आउट के चरण में है। ध्यान रहेगा कि गठबंधन के वरिष्ठ सहयोगियों के साथ संतुलन बना रहे।
