डेस्क, संसार टुडे: बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान अपनी धार्मिक यात्रा के कारण एक बार फिर विवादों में आ गई हैं। हाल ही में उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना करने पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए फतवा जारी कर दिया है।
दरअसल, 25 अक्टूबर को सारा अली खान ने केदारनाथ मंदिर पहुंचकर पूजा-पाठ की थी। तस्वीरों और वीडियो सामने आने के बाद मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि शरीयत और इस्लामिक नियमों के तहत किसी भी मुस्लिम का मंदिर जाना या मूर्ति पूजा करना पूरी तरह ‘नाजायज और हराम’ है।
मौलाना ने स्पष्ट किया कि इस्लाम धर्म में गैर-इस्लामी इबादतगाहों में जाकर पूजा करने की कोई गुंजाइश नहीं है। शरीयत का कानून हर मुसलमान पर बराबरी से लागू होता है, चाहे वह आम नागरिक हो या कोई फिल्मी सितारा। सारा अली खान का नाम मुस्लिम है और वह खुद को मुस्लिम परिवार से जोड़ती हैं, ऐसे में हिंदू रीति-रिवाज से पूजा करना इस्लामिक उसूलों का सीधा उल्लंघन है।
मौलाना ने सारा अली खान को नसीहत देते हुए कहा कि अगर वह खुद को सच्चा मुसलमान मानती हैं, तो अपने इस कदम पर पछतावा जाहिर करें और फौरन अल्लाह के सामने तौबा (माफी) मांगें। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है। एक तरफ कट्टरपंथी अभिनेत्री पर निशाना साध रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कई प्रशंसक सारा की सर्वधर्म समभाव की भावना का समर्थन भी कर रहे हैं।
