संभल। आस्था और प्रेम की एक अनूठी मिसाल पेश करने वाली संभल की एक मुस्लिम महिला अब कट्टरपंथियों के निशाने पर है। जनपद के थाना हयातनगर क्षेत्र के गांव बदनपुर बसी की रहने वाली तमन्ना मलिक (उर्फ तुलसी) को हरिद्वार से कांवड़ लाने के बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
प्रेम विवाह और नाम परिवर्तन
तमन्ना की कहानी तीन साल पहले शुरू हुई थी, जब उन्होंने अपने ही गांव के निवासी अमन त्यागी से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद तमन्ना ने अपना नाम बदलकर ‘तुलसी’ रख लिया और अपने पति के साथ हिंदू रीति-रिवाजों को अपना लिया। उनके इस फैसले से परिवार और समाज का एक वर्ग पहले ही नाराज था, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
बुर्के में कांवड़ यात्रा ने खींचा सबका ध्यान
इस वर्ष सावन के पवित्र महीने में तमन्ना मलिक ने एक साहसी कदम उठाया। वह हरिद्वार गईं और वहां से गंगाजल लेकर पदयात्रा करते हुए अपने गांव पहुंचीं। हैरान करने वाली बात यह थी कि उन्होंने बुर्के में रहकर कांवड़ यात्रा पूरी की। तमन्ना का कहना है कि उन्होंने यह मन्नत अपने परिवार की सुख-शांति के लिए मांगी थी।
बढ़ता खतरा और सुरक्षा की मांग
जैसे ही तमन्ना के कांवड़ लाने की खबर और तस्वीरें वायरल हुईं, कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। तमन्ना का आरोप है कि उन्हें धर्म के अपमान का हवाला देकर हत्या की धमकी दी जा रही है। डरी-सहमी तमन्ना और उनके पति अमन त्यागी ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
“मैंने किसी के धर्म का अपमान नहीं किया, बस अपनी आस्था निभाई है। अब मुझे और मेरे परिवार को जान का खतरा महसूस हो रहा है।” — तमन्ना उर्फ तुलसी
फिलहाल, पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच में जुट गई है। यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या व्यक्तिगत आस्था और चुनाव की आजादी पर कट्टरपंथ यूं ही हावी रहेगा।
