यूनाइटेड फॉर्म ऑफ़ बैंक यूनियन के राष्ट्रीय आवाहन पर भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य शाखा पर सभी बैंको के अधिकारी व कर्मचारियों ने इंडियन बैंक एसोसिएशन और भारत सरकार के विरुद्ध अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियो को संबोधित करते हुए यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियन के अध्यक्ष तथा स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन के सहायक महामंत्री कामरेड दिनकर राव ने कहा कि पूरे भारतवर्ष में सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी 7 फरवरी से संघर्ष की राह पर हैं।
इसी क्रम में कई बार जिला स्तर पर प्रदर्शन व धरना दिया गया तथा 3 मार्च को सभी बैंक के कर्मचारियों का अधिकारियों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर धरना दिया। परंतु अभी तक सरकार की आंखें नहीं खुली हैं। आज के अपरान्त हम प्रदर्शन करेंगे अन्यथा 24 और 25 मार्च को हमें देशव्यापी हड़ताल पर जाना पड़ेगा। अपनी मांग को दोहराते है कि सरकार शीघ्र फाइव डे बैंकिंग लागू करें।
पूर्व उप महामंत्री कामरेड संजय रस्तोगी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की तरह बैंक कर्मियों को भी ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाकर 25 लाख किया जाए और आयकर से छूट दी जाए। पूर्व सीआरएस एनएन टंडन ने कहा कि बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सचिव नवनीत कुमार ने कहा कि बैंकों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कर्मचारी एवं अधिकारियों के निदेशकों के पद खाली पड़े हैं उन पदों को तुरंत भरा जाएं। प्रदर्शनकारियो में धर्मराज, मोहम्मद हुसैन, आशु चौधरी, तेजपाल सिंह, धीरेंद्र पाल सिंह, नेहा जैन, रेखा रानी, अभिनव यादव, कुलदीप कुमार, मानस कुमार, पवन अग्रवाल, पुष्पेंद्र सिंह, यश चौधरी, सचिन शुक्ला, अतुल यादव, शिवांक, राजीव बिष्ट, कल्याणी, पूजा आदि मौजूद रहे।