नई दिल्ली: नए साल के दस्तक देते ही लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को पहले ही हरी झंडी दे दी है और अब इसके सदस्यों के नामों का भी आधिकारिक ऐलान हो चुका है। जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित इस आयोग में आईएएस अधिकारी पंकज जैन को सदस्य-सचिव बनाया गया है, जबकि आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष पार्ट-टाइम सदस्य के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे।
कब से लागू होगा नया वेतन आयोग?
लाखों कर्मचारियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी बढ़ी हुई सैलरी खाते में कब आएगी? सरकारी नियमों और अब तक के ट्रेंड को देखें तो 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर को समाप्त हो गई है। ऐसे में 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। हालांकि, नए साल के पहले ही दिन से आपके बैंक अकाउंट में बढ़ी हुई सैलरी नहीं आएगी।
दरअसल, केंद्रीय कैबिनेट ने साफ किया है कि वेतन आयोग की सिफारिशें आमतौर पर हर 10 साल के अंतराल पर लागू होती हैं। चूंकि 8वें वेतन आयोग ने अभी अपनी फाइनल रिपोर्ट और सिफारिशें पेश नहीं की हैं, इसलिए सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।
क्या 1 जनवरी से नहीं बढ़ेगी सैलरी?
तकनीकी रूप से देखें तो 1 जनवरी 2026 से नया वेतन आयोग लागू तो हो जाएगा, लेकिन सैलरी स्लिप में इसका असर तुरंत दिखाई नहीं देगा। जब तक आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को नहीं सौंपता और कैबिनेट उन्हें मंजूर नहीं करती, तब तक पुरानी सैलरी ही मिलती रहेगी। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि नियम के अनुसार कर्मचारियों का हक कहीं नहीं जाएगा।
एरियर को लेकर बड़ी राहत
सबसे खास बात यह है कि भले ही सैलरी बढ़ोतरी की घोषणा में कुछ महीनों की देरी हो, लेकिन नियम के मुताबिक कर्मचारियों और पेंशनर्स का एरियर (बकाया राशि) 1 जनवरी 2026 से ही जुड़ना शुरू हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि जब भी सरकार नई सैलरी लागू करेगी, आपको पिछले महीनों का पूरा पैसा एकमुश्त एरियर के रूप में दिया जाएगा।
